एर्राबोर के सुशासन शिविर में उमड़ा जनसैलाब, गाँव-गाँव तक पहुँचा विकास

रायपुर, 23 मई 2026 : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और सुकमा कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में संचालित सुशासन तिहार एवं बस्तर मुन्ने अभियान अब दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी बदलाव की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं। इसी कड़ी में कोंटा विकासखंड के एर्राबोर में आयोजित क्लस्टर स्तरीय सुशासन शिविर में 10 पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीण उत्साहपूर्वक शामिल हुए। शिविर में 452 आवेदन प्राप्त हुए। राजस्व, स्वास्थ्य, पंचायत और अन्य विभागों के अधिकारियों ने मौके पर ही नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, जॉब कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे दस्तावेजों का त्वरित निराकरण किया। शिविर में प्रशासन ने ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान करते हुए विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया। इससे ग्रामीणों में शासन के प्रति विश्वास और उत्साह देखने को मिला।

अन्नप्राशन और गोद भराई से बना उत्सव जैसा माहौल

शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों के लिए अन्नप्राशन और गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कार्यक्रम आयोजित की गई। इस दौरान सुरक्षित मातृत्व और कुपोषण मुक्त समाज का संदेश दिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंगम्मा सोयम और सदस्य श्री कोरसा सन्नू ने आम ग्रामीणों के साथ लाइन में खड़े होकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति सकारात्मक संदेश गया।

महिला समूहों को मिला 17.50 लाख रूपए का ऋण

शिविर में महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कुल 17.50 लाख रुपए का ऋण वितरित किया गया। इसमें विभिन्न महिला समूहों को 13.50 लाख रूपए का ऋण दिया गया, जबकि सूरज समूह को 4 लाख रूपए का ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत अध्या, हंशिका, प्रतिभा, सरिता और गुलाब महिला समूहों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया।

5 महिलाओं को मिला “लखपति दीदी” सम्मान

शिविर का विशेष आकर्षण क्षेत्र की 5 महिलाओं को “लखपति दीदी” प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करना रहा। सोयम समशाद, सोढ़ी गंगी, बोड्डी मीना, रवा सुक्की और सेमला बजारी को आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही सोयम समशाद को स्वयं का व्यवसाय बढ़ाने हेतु प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत ऋण चेक भी प्रदान किया गया।

452 आवेदनों का मौके पर निराकरण

सुशासन शिविर में विभिन्न विभागों को कुल 452 आवेदन प्राप्त हुए। राजस्व, स्वास्थ्य, पंचायत और अन्य विभागों के अधिकारियों ने मौके पर ही नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, जॉब कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे दस्तावेजों का त्वरित निराकरण किया। ग्रामीणों को शिविर स्थल पर ही आभा आईडी और स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।

अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास

शिविर में जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि शासन की योजनाएं अब केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका सीधा लाभ गांवों तक पहुंच रहा है। सुकमा जिला प्रशासन का यह प्रयास दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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