
रायपुर, 22 जून 2026 : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब सुकमा जिले में भी दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल सुकमा में अस्थिरोग विशेषज्ञ (ऑर्थाेपेडिक सर्जन) डॉ. संदीप वर्मा की पदस्थापना के बाद हड्डी रोग उपचार की सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब मरीजों को इलाज के लिए जगदलपुर, रायपुर या अन्य जिलों की ओर नहीं जाना पड़ रहा है।
तीन वर्षों बाद शुरू हुई अस्थिरोग सर्जरी सेवा
डॉ. संदीप वर्मा ने जनवरी 2026 में जिला अस्पताल में कार्यभार ग्रहण किया। उनके प्रयासों से लंबे समय से बंद पड़े ऑपरेशन थिएटर को आवश्यक संसाधनों और उपकरणों से सुसज्जित कर पुनः शुरू किया गया। मार्च 2026 से अस्थिरोग सर्जरी सेवाएं फिर से प्रारंभ हुईं और मात्र तीन माह में 83 सफल ऑपरेशन किए गए, जो जिला अस्पताल के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
अस्पताल के अस्थिरोग विभाग में 22 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है, जहां गंभीर और ऑपरेशन योग्य मरीजों का उपचार किया जाता है।
चमरू को मिला नया जीवन
सुकमा के सोढ़ीपारा निवासी 65 वर्षीय चमरू को कमर संबंधी गंभीर समस्या के कारण लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जिला अस्पताल में डॉ. संदीप वर्मा द्वारा उनकी जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। उन्हें अस्पताल में निःशुल्क उपचार, दवाइयां, भोजन और रहने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलने से उनके परिवार को बड़े शहरों में इलाज कराने के खर्च और परेशानियों से राहत मिली।
हूँगी बारसे को भी मिला बेहतर उपचार
बारसेरास निवासी 68 वर्षीय हूँगी बारसे घर में कार्य करते समय गिर गई थीं, जिससे उनकी जांघ में गंभीर चोट लग गई थी। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उनका सफल ऑपरेशन किया गया। इलाज, दवाइयों, भोजन और अस्पताल में रहने की सभी सुविधाएं उन्हें निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। सफल उपचार के बाद उन्होंने शासन की स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति संतोष व्यक्त किया।
स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती विश्वसनीयत
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि जिले के दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। जिला अस्पताल में तीन माह के भीतर 83 सफल ऑपरेशन होना स्वास्थ्य सेवाओं में आए सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि ऑर्थाे विशेषज्ञ की उपलब्धता से अब स्थानीय मरीजों को उपचार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ रहा है। चमरू और हूँगी जैसे मरीजों का सफल उपचार जिला अस्पताल की बढ़ती विश्वसनीयता और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था को दर्शाता है।
ग्रामीणों को मिल रही बड़ी राहत
पहले हड्डी रोगों के उपचार के लिए मरीजों को जगदलपुर या ओडिशा के मलकानगिरी जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त आवश्यकता होती थी। अब जिला अस्पताल सुकमा में ही विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध होने से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
स्थिति यह है कि अब पड़ोसी क्षेत्र मलकानगिरी के मरीज भी बेहतर उपचार के लिए सुकमा जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। यह उपलब्धि शासन की जनहितैषी सोच, स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता और जिला अस्पताल की सुदृढ़ होती स्वास्थ्य सेवाओं का उत्कृष्ट उदाहरण है
सुकमा जिला अस्पताल में मजबूत हुई स्वास्थ्य सुविधाएं यह साबित करती हैं कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, बेहतर संसाधन और संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। चमरू और हूँगी बारसे जैसे मरीजों को मिला नया जीवन इसी सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरक कहानी है।
