
रायपुर, 02 अगस्त 2026 : जगदलपुर स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के एमबीए भवन में रविवार को “नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत-संकल्प अभियान” के तहत जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के देशव्यापी संबोधन का सीधा प्रसारण देखा और नशामुक्ति की शपथ ली।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में आज के युवा ही देश की दिशा तय करेंगे, इसलिए उन्हें नशे जैसी बुराई से दूर रहना होगा।
नशा जीवन को अंदर से खोखला कर देता है : वन मंत्री श्री केदार कश्यप
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि नशा दीमक की तरह होता है, जो व्यक्ति के शरीर, मस्तिष्क और जीवन को धीरे-धीरे अंदर से खोखला कर देता है। उन्होंने बस्तर और जनजातीय क्षेत्रों में नशे के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं और दुर्घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज बनाने के लिए सरकार के साथ-साथ समाजसेवी संस्थाओं, युवा संगठनों और नागरिकों की भी सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद और महर्षि वाल्मीकि के जीवन से प्रेरणा लेने, अच्छे संस्कार अपनाने और नशे की चपेट में आए लोगों को सही रास्ते पर लाने का आह्वान किया।
युवाओं को लक्ष्य और संस्कार के साथ आगे बढ़ना होगा
कार्यक्रम में बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। उन्होंने भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और भगवान बिरसा मुंडा के योगदान का उल्लेख करते हुए युवाओं से अच्छे संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक सोच अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को कमजोर कर देता है और उसे अपने लक्ष्य से भटका देता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव ने की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, अन्य अधिकारी, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
100 सप्ताह तक चलेगा नशामुक्ति जन-जागरूकता अभियान
यह अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है। आगामी 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार को विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत नुक्कड़ नाटक, वॉकथॉन, ध्यान सत्र, खेल प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को खेल, योग और समाजसेवा जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर नशामुक्ति का संदेश दिया जाएगा।
जिला प्रशासन बस्तर ने सभी शैक्षणिक संस्थानों, युवा क्लबों, स्वयंसेवी संस्थाओं, औद्योगिक संगठनों और आम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है, ताकि बस्तर के युवाओं को सही दिशा देकर “विकसित भारत@2047” के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
