
रायपुर, 4 अक्टूबर 2026 : गांधी जयंती के अवसर पर ‘सशक्त एमसीबी-सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जिले के प्रभारी एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम मनेन्द्रगढ़ स्थित एमसीबी जिला नेत्रहीन, विकलांग शिक्षण-प्रशिक्षण विद्यालय पहुंचे। मंत्री ने यहां औचक निरीक्षण कर बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनकी पढ़ाई, भोजन, आवास, ब्रेल शिक्षा सहित विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
विद्यालय में बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास देखकर मंत्री नेताम भावुक नजर आए। बच्चों ने स्वागत गीत और संगीत के साथ रामायण पाठ व सुंदरकांड की चौपाइयां प्रस्तुत कीं। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न जीव-जंतुओं की आवाजें निकालकर अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुतियों में दिखे आत्मविश्वास और सीखने की ललक की मंत्री ने जमकर सराहना की।
आप किसी से पीछे नहीं हैं
बच्चों से संवाद करते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा से साबित कर दिया है कि वे किसी से पीछे नहीं हैं। बच्चों में संगीत, गायन और सांस्कृतिक गतिविधियों की शानदार प्रतिभा है। जरूरत सिर्फ उन्हें उचित अवसर और बड़ा मंच उपलब्ध कराने की है। उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रतिभा के साथ आत्मविश्वास भी है। समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उनकी क्षमताओं को पहचाने और उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर दे। बच्चों के बीच पहुंचकर उनकी प्रतिभा देखना उनके लिए भावुक और यादगार अनुभव रहा।
बच्चों से पूछा- पढ़ाई और भोजन की व्यवस्था कैसी है?
मंत्री ने विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों की संख्या, उनके अलग-अलग जिलों से आने और उन्हें दी जा रही शिक्षा एवं प्रशिक्षण की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से सीधे भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था के बारे में पूछा। शिक्षकों से पढ़ाई और प्रशिक्षण की स्थिति की जानकारी लेते हुए ब्रेल लिपि के माध्यम से दी जा रही शिक्षा के बारे में भी चर्चा की।
मंत्री ने जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम को विद्यालय का नियमित निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों की जरूरतों का समय पर समाधान हो सके।
आर्थिक दिक्कतों से भी कराया अवगत
विद्यालय के प्राचार्य संतोष चढ़ोकर ने संस्था के संचालन में आ रही आर्थिक कठिनाइयों और अन्य आवश्यकताओं की जानकारी मंत्री को दी। उन्होंने शिक्षकों के वेतन में वृद्धि तथा बच्चों के भरण-पोषण के लिए मिलने वाली राशि बढ़ाने का आग्रह किया। प्राचार्य ने बताया कि वर्तमान में बच्चों के भरण-पोषण के लिए 600 रुपये की राशि प्राप्त होती है, जिससे संस्था की व्यवस्थाएं संचालित करने में कठिनाई आती है।
शौचालय, पेयजल और बिस्तर जैसी सुविधाओं पर जोर
मंत्री नेताम ने विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने शौचालय, पेयजल, बिस्तर सहित बच्चों की अन्य जरूरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही संस्था की आवश्यकता के अनुरूप संसाधनों और व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ’‘सशक्त एमसीबी-सेवा संकल्प अभियान’ केवल सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों तक संवेदनशीलता के साथ पहुंचने और उन्हें सम्मानपूर्वक बेहतर जीवन के अवसर देने का संकल्प है। दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना इसी सेवा भावना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बच्चों की प्रतिभा से प्रभावित होकर 1 लाख रुपये की सहायता की घोषणा
विद्यालय की व्यवस्थाओं और बच्चों की प्रतिभा से प्रभावित मंत्री रामविचार नेताम ने संस्था के संचालन और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए 1 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने बच्चों को साउंड सिस्टम बॉक्स तथा फल-फूल भी भेंट किए। मंत्री ने कहा कि इन बच्चों में आगे बढ़ने की पूरी क्षमता है। सामूहिक प्रयासों से उनकी प्रतिभा को बड़े मंच तक पहुंचाया जा सकता है और उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक अवसर दिए जा सकते हैं।
इस अवसर पर नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष प्रतिमा यादव, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा, कलेक्टर संतन देवी जांगड़े, पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह, जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, पूर्व संसदीय सचिव चंपादेवी पावले, एसडीएम लिंगराज सिदार, तहसीलदार श्रुति धुर्वे, जिला संगठन प्रभारी बाबूलाल अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
